रक्षाबंधन पर निबंध।। राखी पर कुछ लाइन


रक्षा बंधन पर निबंध
हमारे देश में बहुत सारे धर्म और जातियाँ हैं। इस कारण
हमारे देश में लाखों त्योहार मनाम जाते हैं जैसे होली, दीवाली,
ईद, क्रिसमस आदि। बहुत सारे त्योहार महान होते हैं,
इन में से एक है रक्षा बंधन | रक्षा बंधन श्रावण महीने
की पूर्णिमा पर आता है। रक्षा बंधन पर बहने अपने
भाई को राखी बाँधती है और भाई उसकी रक्षा करने की
कसम लेता है। कहा जाता है कि राखी की डोरी लोहे की
जंजीर से भी ज़्यादा मजबूत होती हैं।
रक्षा बंधन का एक ऐतिहासिक महत्त्व हैं। ऐसा कहा जाता
है कि जब सुल्तान बहादुरशाह ने चारों ओर से चित्तौड़गढ़ को
घेर लिया था तब चित्तौड़गढ़ की महारानी कर्मवती ने अपनी
रक्षा के लिए हुमायूँ के पास राखी भेजी थी। तब राखी के
बन्धन में बंधा हुआ हुमायूँ के समक्ष धर्म, जाति भेद-भाव
भुलाकर महारानी की रक्षा के लिए दौड़ पड़ा।
रक्षा बंधन के दिन, बहन भाई को राखी बाँधती है, भाई की
आरती उतारती है और भाई को तिलक लगाती है। भाई
बहन को तोहफा भी देता है। रक्षा बंधन की तैयारी सुबह-
सुबह शुरू होती है। घर के सभी सदस्य सुबह जल्दी उठकर,
नहीं धौ कर तैयार हो जाते हैं। घर में अलग-अलग तरह
के
पकवान खुदा के और मिठाइयाँ बनती हैं जैसे, पूरी, कचौड़ी, आलू की
सब्जी, रायता आदि पकवान। मिठाइयों में खीर, काजू कतली, लड्डू,
गुलाब जामुन, आदि बनते हैं। पूजा की थाली सजाई जाती है जिसमें
रोली, तिलक, राखी, कच्चे चावल के दाने, अगरबत्ती, दिये और मिठाई
होती है। घर के भगवान को भोग चढ़ाने के बाद, 
बहने आइयों की आरती उतारती हैं और उन्हें राखी बाँधती
है और भाइयों के माथे पर कुमकुम लगाती हैं। सारे रीर्ति
के दौरान मंत्र बोले जाते हैं।
रक्षा बंधन हिन्दुओं के लिए एक महत्वपूर्ण त्योहार है और
हम रक्षा बंधन पूरे दिन से मनाते हैं। हम अपने रीति रिवाजो
को पूरी तरह मानते हैं और जैसे राखी का बंधन पहले था
वैसा अभी भी कायम है। हम भाई- बहन के संबंध को बहुत
मानते हैं और उसका सम्मान करते हैं इसलिए भारत में अभी
भी रक्षा बंधन मनाया जाता है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ