टीचर डे पर एक कविता//teacher day//poem on teacher day

मैं शिक्षक हूँ
सीख रहा हूँ और सिखा रहा हूँ
नन्हे नन्हें बच्चों पर प्यार लुटा
रहा हूँ
मैं शिक्षक हूँ
अपनी मुस्कान बढ़ा रहा हूँ
राष्ट्र का गौरव गान गा रहा हूँ
मैं शिक्षक हूँ
नन्हीं उगलियों को थामे चलना
सीख रहा हूँ और सिखा रहा हूँ
मुझसे आकर जुड़ जाते है
स्वयं ही जीवन मूल्य
मैं हर मूल्य का कर्ज चुका रहा हूँ
मैं शिक्षक हूँ
आशाओं, उम्मीदों का परचम लहरा रहा हूँ
सपनों को हकीकत में बदलना
सीख रहा हूँ और सिखा रहा हूँ
मैं किसी विषय मात्र का नहीं
मैं बच्चों की आँखो की चमक
होठों की मुस्कान
पैरों की गति
हाथों की बल
मस्तक के शौर्य
देश के मान सम्मान का
शिक्षक हूँ,
मैं शिक्षक हूँ
गर्व से आज शिक्षक दिवस
मना रहा हूँ

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= शिक्षक का अर्थ
शि→ शिखर तक ले जाने वाला
क्ष →क्षमा की भावना रखने वाला
 कृ → कमजोरी दूर करने वाला
अर्थात
जो विद्यार्थी की हर गलती
को क्षमा करने की भावना
रखता है और उसकी हर
कमजोरी दूर कर उसको
शिखर (सफलता) तक ले
जाता है। वही सच्चा शिक्षक
कहलाता है।

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