मैं शिक्षक हूँ
सीख रहा हूँ और सिखा रहा हूँ
नन्हे नन्हें बच्चों पर प्यार लुटा
रहा हूँ
मैं शिक्षक हूँ
अपनी मुस्कान बढ़ा रहा हूँ
राष्ट्र का गौरव गान गा रहा हूँ
मैं शिक्षक हूँ
नन्हीं उगलियों को थामे चलना
सीख रहा हूँ और सिखा रहा हूँ
मुझसे आकर जुड़ जाते है
स्वयं ही जीवन मूल्य
मैं हर मूल्य का कर्ज चुका रहा हूँ
मैं शिक्षक हूँ
आशाओं, उम्मीदों का परचम लहरा रहा हूँ
सपनों को हकीकत में बदलना
सीख रहा हूँ और सिखा रहा हूँ
मैं किसी विषय मात्र का नहीं
मैं बच्चों की आँखो की चमक
होठों की मुस्कान
पैरों की गति
हाथों की बल
मस्तक के शौर्य
देश के मान सम्मान का
शिक्षक हूँ,
मैं शिक्षक हूँ
गर्व से आज शिक्षक दिवस
मना रहा हूँ
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= शिक्षक का अर्थ
शि→ शिखर तक ले जाने वाला
क्ष →क्षमा की भावना रखने वाला
कृ → कमजोरी दूर करने वाला
अर्थात
जो विद्यार्थी की हर गलती
को क्षमा करने की भावना
रखता है और उसकी हर
कमजोरी दूर कर उसको
शिखर (सफलता) तक ले
जाता है। वही सच्चा शिक्षक
कहलाता है।
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