Indira Ekadashi 2022: कब है इन्दिरा एकादशी।। इन्दिरा एकादशी की कथा।।इन्दिरा एकादशी

Indira Ekadashi 2022: कब है इन्दिरा एकादशी।। शुभ मुहूर्त इन्दिरा एकादशी की कथा।।इन्दिरा एकादशी



हिंदू पंचांग के अनुसार , इन्दिरा एकादशी 20सितंबर 2022, मंगलवार, को रात 9 बजकर 26मिनट से शुरू होकर 21सितंबर , बुधवार को 11बजकर 31मिनट पर समाप्त होगी 


 इन्दिरा एकादशी

आश्विन कृष्ण पक्ष की एकादशी 'इन्दिरा एकादशी' कहलाती है। इस दिन शालिग्राम की पूजा कर व्रत करना चाहिए। पवित्र होकर शालिग्राम को पंचामृत से स्नान कराकर वस्त्र पहनावें, भोग लगायें तथा पूजा-आरती करें।

पंचामृत वितरण कर शालिग्राम पर तुलसी अवश्य चढ़ानी चाहिए। इस

प्रकार जो इस व्रत को करते हैं वे करोड़ पितरों का उद्धार कर स्वयं स्वर्गलोक को जाते हैं।

इन्दिरा एकादशी की कथा

एक समय राजा इन्द्रसेन माहिष्मती नगरी में राज्य करते थे। उनके माता-पिता दिवंगत हो चुके थे। अकस्मात् एक दिन उन्हें स्वप्न हुआ कि तुम्हारे माता-पिता यमलोक में कष्ट भोग रहे हैं। निद्रा भंग होने पर वे चिन्तित हुए कि किस प्रकार इस यातना से पितरों को मुक्त किया जाए। इस विषय पर मंत्री से परामर्श किया। मन्त्री ने विद्वानों को बुलाकर पूछने की सलाह दी। राजा ने ऐसा ही किया। सभी ब्राह्मणों के उपस्थित होने पर स्वप्न की बात पेश की गई। ब्राह्मणों ने कहा- “राजन्! यदि आप सकुटुम्ब इन्दिरा एकादशी व्रत करें तो आपके पितरों की मुक्ति हो जायेगी। उस दिन आप शालिग्राम की पूजा, तुलसी आदि चढ़ाकर 11 ब्राह्मणों को भोजन कराकर दक्षिणा दें और आशीर्वाद लें। इससे आपके माता-पिता स्वयं ही स्वर्ग में चले जायेंगे। आप रात्रि को मूर्ति के पास ही शयन करना।" राजा

ने ऐसा ही किया। जब मन्दिर में सो रहा था तभी भगवान के दर्शन हुए और उन्होंने कहा कि हे राजा ! व्रत के प्रभाव से तेरे सभी पितर स्वर्ग को पहुँच गये। राजा इंद्रसेन भी इस व्रत के प्रभाव से इस लोक में सुख भोगकर अंत में स्वर्ग को गया।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ