दिलों मैं बस जाए
वो मोहब्बत हूँ
कभी बहन, कभी
ममता की मूरत हूँ!
मेरे आचल में हैं
ये चाँद सितारे
माँ के कदमों में
बसी एक जन्नत हूँ
हर दर्द और गम को
छुपा लिया सीने में
लब पे ना आये
कभी वो हसरत हूँ !
मेरे होने से ही हैं
यह कायनात जवान,
ज़िंदगी की बेहद
हसी हकीकत हूँ!
हर रूप रंग में
ढल कर सवर जाऊ,
सब्र की मिसाल
हर रिश्ते की ताकत हूँ !
अपने होसले से
तकदीर को बदल दूँ,
सुन ले ऐ दुनिया
हाँ मैं औरत हूँ
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