बच्चो के लिए एकदम सरल भाषा में 20 कविताएं

 बच्चो के लिए एकदम सरल भाषा में 20 कविताएं :–chote baccho ke liye poem (kavita)

  
बच्चे बहुत ही मासूम होते हैं उन्हें हम जैसा बनना चाहते हैं वो वैसा ही बन जाते हैं आज के टाइम में बच्चो के लिए सही कविता का चयन करना और उन्हें बच्चो को याद करना बहुत ही मुश्किल भरा काम लगता हैं। इसलिए मैं ऐसी बीस कविताएं एक साथ तैयार की है जोकि बहुत ही आसान है। और बच्चें जब इन्हें पढ़ेंगे तो उन्हे ये कविताएं याद होती चली जायेगी।
 

(1.) सवेरा


सूरज निकला मिटा अंधेरा,
देखो बच्चों हुआ सवेरा।
आया मीठा हवा का फेरा,
चिड़ियों ने फिर छोड़ा बसेरा |
जागो बच्चों अब मत सोओ,
इतना सुन्दर समय न खोओ।



(2.) उड़ी पतंग


सर सर सर उड़ी पतंग
लिए लाल पीला वह रंग
बिना पंख के उड़ती कैसे?
बिना पूँछ के मुड़ती कैसे?
नील गगन के पास है आती,
हरे पेड़ों से ऊपर जाती,
कौन है, किसके आई संग?
सर-सर-सर-सर उड़ी पतंग।



(3.)  नाच मोर


नाच मोर का सबको भाता,
जब वह पंखों को फैलाता,
कुह-कुह का शोर मचाता,
घूम-घूम कर नाच दिखाता।




(4.) मैं हूँ आलू गोल-मटोल


मैं हूँ आलू गोल-मटोल,
सब्जियों में हूँ मैं अनमोल,
कच्चा मुझको कोई न खाता,
पका के मैं हूँ सबको भाता।


(5.) गिनती

एक, दो, तीन, चार,
आज शनि है कल इतवार ।
पाँच, छ:, सात, आठ,
याद करूँगा सारा पाठ।
इसके आगे नौ और दस,
हो गई गिनती पूरी बस।



(6.) भालू वाला

भालू वाला आया, साथ में भालू लाया
नाच भालू नाच
भालू वाले ने डुगडुगी बजायी
सुनके ये आवाज, बच्चों की भीड़ आयी
सब बच्चों ने मिलकर
देखा एक आवाज लगायी
नाच भालू नाच
दोनों हाथ उठाकर, कमर को मटका कर
तू जो अच्छा नाच दिखाये
तो मिलेगा पैसा - नाच भालू नाच ।


(7.)जल्दी नहीं, खबरदार


जल्दी नहीं, खबरदार
लाल बत्ती, रोको कार!
पीली बत्ती, होशियार
हरी बत्ती, कर लो पार।





(8.)लाल मोटर हम उसके ड्राइवर

लाल मोटर हम उसके ड्राइवर
मोटर चलाओ भई, मोटर चलाओ
हॉर्न बजाओ भई, हॉर्न बजाओ
चाभी घुमाओ भई, चाभी घुमाओ
सीट बेल्ट लगाओ भई, सीट बेल्ट लगाओ
वाईपर चलाओ भई, वाईपर चलाओ
हेड-लाइट जलाओ भई, हेड-लाईट जलाओ
तेज चलाओ भई, तेज चलाओ॥
ब्रेक लगाओ भई, ब्रेक लगाओ॥



(9.)शेर निराला


शेर निराला हिम्मतवाला
लम्बी-लम्बी मूछों वाला
तेज नुकीले दांतों वाला
सबका दिल दहलाने वाला
हटो-हटो आ रहा है शेर
भागो-भागो आ गया है शेर ।

(10.)एक छोटी कश्ती

एक छोटी कश्ती मेरे पास,
उसे नई बनाई
नीली रंगाई, पीली रंगाई
और पानी में तैराई।
एक मेंढक आया पानी में,
उसने देखा उसने घूरा
और कूदा कश्ती में।
मेरी कश्ती डगमगा गई
उलट गई, पलट गई
और डूबी पानी में।


(11.)गरजे बादल

उमड़-घुमड़ कर गरजे बादल
ठंडी-ठंडी हवा चली।
देख कर सुहाना मौसम
बच्चों की टोली निकल पड़ी।
छम छम छम छम बरसा पानी
टप टप टप टप बूंद गिरी।
उछल उछल कर खेलें हम सब
कागज़ की भी नाव चली।


(12.)तोता हूँ मैं तोता हूँ


तोता हूँ मैं, तोता हूँ
हरे रंग का तोता हूँ।
चोंच मेरी लाल है
सुंदर-सुंदर चाल है।
बागों में मैं जाता हूँ
मीठे फल मैं खाता हूँ।
देख-देख माली को मैं
पत्तों में छुप जाता हूँ।


(13.)तितली रानी


तितली रानी, तितली रानी
मुझको दे दो अपने पर
पर लगा कर उड़ जाऊँगी
अपनी नानी के घर...
नानी के घर मैं जाकर
हलवा पूरी खाऊँ पेट भर
और दिन भर मैं झूलूँ
झूलों पर... ॥



(14.) चार नौकर

मेरे पास हैं नौकर चार,
हरदम रहते हैं तैयार।
दो हैं मेरे हाथ,
देते मेरा हरदम साथ।
दो हैं मेरे पैर,
मुझे कराते हैं सैर।
ना पीते हैं, न खाते हैं,
जहां कहूँ ले जाते हैं।


(15.)चुहिया रानी


चुहिया रानी, चुहिया रानी,
लगती हो तुम बड़ी सयानी ।
जैसे हो इस घर की रानी,
तभी तो करती हो मनमानी ।
कुतर- कुतर सब कुछ खा जाती,
आहट सुन झट से छुप जाती।
जब भी बिल्ली मौसी आती,
दुम दबा बिल में
घुस जाती।


(16.) दिवाली

आई दिवाली, आई दिवाली,
आई दिवाली रे।
दीप जलाओ, खुशी मनाओ,
आई दिवाली रे।
खूब चले फुलझड़ी पटाखे,
आई दिवाली रे।
सबको बांटो खूब मिठाई,
आई दिवाली रे।


(17.) भारत देश महान

सबसे सुंदर, सबसे न्यारा,
भारत प्यारा, देश हमारा।
सारे जग से शान निराली,
चारों ओर छाई हरियाली ।
गंगा-यमुना इसका मान,
भारत प्यारा देश महान ।


(18.) गाँधी
सच्चाई का लेकर शस्त्र,
और अहिंसा का ले अस्त्र।
तूने अपना देश बचाया,
गोरों को था दूर भगाया।
दुश्मन से भी प्यार किया,
मानव पर उपकार किया।
गाँधी! करते तुझे नमन,
तुझे चढ़ाते प्रेम सुमन ।


(19.) एक-एक

एक-एक यदि पेड़ लगाओ,
तो तुम बाग लगा दोगे।
एक-एक यदि ईंट जोड़ो,
तो तुम महल बना दोगे।
एक-एक यदि पैसा जोड़ो,
तो बन जाओगे धनवान।
एक-एक यदि अक्षर पढ़ लो,
तो बन जाओगे विद्वान ।


(20.) हाथी आया

हाथी आया, हाथी आया
सूँड़ हिलाता हाथी आया
चलता फिरता हाथी आया
झूम-झूम कर हाथी आया
कान हिलाता हाथी आया।

 ये है वो कविताएं जो की बच्चों को आसनी से याद हो जाएगी।और इनको बच्चे बड़े मजे ले कर पढ़ेंगे। 

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